56 दिनों में सरकारी स्कूलों के 142 शिक्षक-कर्मी गैरहाजिर, बीएसए ने थमाया नोटिस
Notices issued to 142 teachers and other employees
अलीगढ़। Notices issued to 142 teachers and other employees: सरकार लगातार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और नामांकन बढ़ाने के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
जिले में ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व जिला, ब्लाक एवं अन्य अधिकारियों द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में 142 शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक व अन्य कर्मचारी अपने विद्यालयों से अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण कक्षाएं प्रभावित मिलीं।
मामले को गंभीर मानते हुए बीएसए अनिल सिंह ने संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इससे बुनियादी शिक्षा कटघरे में हैं और सवाल ये है कि जब शिक्षक ही स्कूलों में मौजूद नहीं रहेंगे तो बच्चों की पढ़ाई का स्तर कैसे सुधरेगा?
महानिदेशक स्कूल शिक्षा के निर्देश पर जनपद व ब्लाक स्तर पर गठित टास्क फोर्सों, खंड शिक्षा अधिकारियों व जिला समन्वयकों ने 23 मार्च से आठ मई तक परिषदीय स्कूलों का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान शहर से लेकर देहात तक, समस्त ब्लाकों में 76 शिक्षण कर्मी एवं अन्य कर्मचारी बिना सूचना के विद्यालयों में अनुपस्थित पाए गए, जिनमें छह से अधिक प्रधानाध्यापक तक सम्मिलित हैं।
हैरानी की बात ये है कि एक से 15 अप्रैल तक गांव-गांव ‘स्कूल चलो अभियान’ का नारा भी गूंजा। हाउस होल्ड सर्वे कर आउट आफ स्कूल व ड्राप आउट बच्चों का चिह्नाकन का भी दावा है। यही स्थित सात मई से 19 मई के बीच पाई गई। औचक निरीक्षण के दौरान 66 शिक्षक व अन्य कर्मचारी अनुपस्थित मिले।
उल्लेखनीय है कि बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के क्षेत्र में भी काफी संख्या में शिक्षक व अन्य कर्मचारी अनुपस्थित मिले हैं। ऐसे में छात्रों की पढ़ाई बाधित होने के साथ-साथ अभिभावकों का सरकारी स्कूलों पर भरोसा भी कमजोर पड़ रहा है।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई फिलहाल नोटिस तक सीमित है, लेकिन यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या केवल नोटिस जारी कर देने से व्यवस्था सुधर जाएगी?
यदि नियमित निगरानी होती तो क्या इतनी बड़ी संख्या में शिक्षण कर्मी एक साथ अनुपस्थित मिलते? शिक्षा सुधार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच इतना बड़ा अंतर क्यों? गायब शिक्षकों को नोटिस देकर तीन दिन में साक्ष्य समेत जवाब मांगा गया है।
स्कूलों में नियमित निगरानी की व्यवस्था और सुदृृढ़ की जाएगी। बिना सूचना के विद्यालयों में अनुपस्थित पाए जाने वाले शिक्षकों के विरुद्ध और सख्ती बरती जाएगी।
-अनिल सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।